Saturday, 13 February 2021

Covid 19: भारत में अचानक कैसे घट गए कोरोना के मामले? वैज्ञानिकों के लिए रहस्य



Covid 19: भारत में अचानक कैसे घट गए कोरोना के मामले? वैज्ञानिकों के लिए रहस्य


पिछले साल सितंबर तक भारत में कोरोना वायरस के रोजाना करीब एक लाख मामले सामने आ रहे थे. ये वो समय था जब भारत कोविड-19 की सबसे ज्यादा मार झेलने वाले अमेरिका से आगे निकलने की राह पर था. मरीजों से अस्पताल भरे पड़े थे. भारतीय अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व मंदी में तब्दील हो चुकी थी. हालांकि, अगले चार महीनों में भारत में कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक भारी गिरावट आई. अब भारत में कोरोना संक्रमण के प्रतिदिन 10,000 के करीब मामले सामने आ रहे हैं.


पिछले महीने स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 26 जनवरी को भारत में कोरोना के सिर्फ 9,100 नए मामले दर्ज किए गए थे. ये पिछले आठ महीने में भारत में मरीजों की संख्या का सबसे कम आंकड़ा था. इसके अलावा, 7 फरवरी को भी सिर्फ 11,831 मामले दर्ज किए गए. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के हेल्थ इकोनॉमिस्ट जिश्नू दास कहते हैं, 'भारत में न तो टेस्टिंग कम हुई और न ही खतरे को कम करके आंका गया,फिर तेजी से फैल रही ये बीमारी अचानक कैसे गायब हो गई! अस्पताल में भी ICU का इस्तेमाल कम हो गया. हर एक संकेत यही बताता है कि भारत में मरीजों की संख्या अब कम है.


वैज्ञानिकों के लिए भी ये एक रहस्य बना हुआ है. वे भारत में कोरोना पीड़ितों की संख्या में अचानक आई गिरावट की जांच कर रहे हैं. वैज्ञानिक ये समझने का प्रयास कर रहे हैं कि भारतीय क्या सही कर रहे हैं और जो देश अभी भी कोरोना वायरस की चपेट में हैं, उन्हें क्या करने की जरूरत है.


ये सवाल बहुत वाजिब है. यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में पब्लिक हेल्थ रिसर्चर जेनेवी फर्नांडिस कहती हैं, जाहिर है कि इसके पीछे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय काम कर रहे हैं. टेस्टिंग बढ़ाई गई है. लोग हालात बिगड़ने से पहले अस्पताल जा रहे हैं, जिससे मौत के आंकड़ों में कमी आई है. लेकिन ये अभी तक एक रहस्य ही बना हुआ है. शोधकर्ता भारत में मास्क जरूरी और सार्वजनिक अनुपालनों की जांच कर रहे हैं. साथ ही साथ, यहां की जलवायु, डेमोग्राफिक और आमतौर पर देश में फैलने वाली बीमारियों के पैटर्न को भी समझने की कोशिश की जा रही है.


मास्क पहनना जरूरी भारत एशिया, अफ्रिका और दक्षिण अमेरिका के उन तमाम देशों में से एक है, जहां सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना जरूरी हो गया है. कोरोना महामारी के शुरुआती चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मास्क पहने नजर आए थे. उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था. मुंबई जैसे बड़े शहरों की नगरपालिकाओं में पुलिस प्रशासन ने मास्क न पहनने वालों पर 200 रुपए का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया था.


घर से बाहर निकल रहे लोग, जॉगर्स, बीच पर टहलने वाले या ओपन एयर रिक्शा में बैठे पैसेंजर सभी पर ये जुर्माना समान रूप से लागू था. मुंबई की मूल निवासी फर्नांडिस ने कहा, 'यहां नियम तोड़ने वालों पर 200 रुपए का चालान होता था. नियम तोड़ने वाले को पहनने के लिए एक मास्क भी दिया जाता था. नियम तोड़ने में हम भारतीयों का इतिहास रहा है. आप देखिए, यहां लोग हर समय ट्रैफिक रूल्स तोड़ते हैं.


मुंबई में नए साल की शाम को मास्क न पहनने वालों का चालान बनाकर अधिकारियों ने करीब 27 लाख रुपए वसूल किए थे. चालान और मास्क ने वाकई में अपना असर दिखाया है. जुलाई में प्रकाशित एक सर्वे में करीब 95 फीसद लोगों ने कहा था कि आखिरी बार घर से बाहर निकलते वक्त उन्होंने मास्क पहना था. 'नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च' ने ये अध्ययन फोन के माध्यम से कंडक्ट किया था.


फ़ोन कॉल पर भी सरकार की ओर से जारी संदेश सुनाई देता था. इसमें 'हैंड वॉश' और 'मास्क जरूरी' जैसी जरूरी बातों को लेकर चेताया जा रहा था. हालांकि, मास्क जरूरी और हैंड वॉश के उस संदेश की जगह अब वैक्सीनेशन लेने की अपील की जा रही है.


गर्मी और नमी कोरोना पीड़ितों की संख्या में गिरावट के लिए जलवायु भी सहायक हो सकती है. देश के ज्यादातर हिस्से गर्म और नमी वाले हैं. इस बात के साक्ष्य मौजूद हैं कि भारत की जलवायु रेस्पिरेटरी वायरस के विस्तार को रोकने में मददगार है. हालांकि, कुछ बातें इसके विपरीत भी हैं. Plos one जर्नल में प्रकाशित सैकड़ों साइटंफिक आर्टिकल्स की एक समीक्षा दर्शाती है कि गर्म और नमी वाली जगहों पर कोविड-19 (Covid 19) का असर कम होता है. गर्म तापमान और आर्द्रता मिलकर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करते हैं.


पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इन्फेक्शियस डिसीज डायनामिक्स की डायरेक्टर एलिजाबेथ मैक्ग्रॉ ने पिछले साल एनपीआर को बताया था कि ठंडी और शुष्क जगहों पर वायरस के ड्रॉपलेट हवा में ज्यादा देर तक एक्टिव रहते हैं. गर्म हवा और नमी वाली जगह पर ड्रॉपलेट्स तेजी से नीचे आ जाते हैं, जिससे ट्रांसमिशन का खतरा कम हो जाता है.


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